कल्याण सिंह फिर हुए भाजपा में शामिल
कल्याण सिंह (Kalyan singh) ने राजस्थान के राज्यपाल पद से मुक्त होने के बाद सोमवार को लखनऊ में बीजेपी की सदस्यता ली. उन्होंने इस दौरान कहा कि मैं कोई राजनीति नहीं करना चाहता हूं। राजनीति जनसेवा का एक सशक्त माध्यम है, मुझे चुनाव नहीं लड़ना है, मैं बहुत चुनाव लड़ चुका हूं। लगभग 87 वर्षीय कल्याण सिंह ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में एक बार फिर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान उनके बेटे एवं एटा से सांसद राजवीर सिंह और प्रदेश के वित्त राज्यमंत्री एवं पौत्र संदीप सिंह भी मौजूद थे। कल्याण सिंह ने बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इतनी उम्र गुजर जाने के बावजूद न तो वह थके हैं और न ही उनका मन छूटा है।उन्होंने कहा, ''मैं राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम मानता हूं। उसी भावना से मैंने फिर से सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने का फैसला किया है। जब तक मैं राज्यपाल रहा तब तक मैंने उस पद की गरिमा का पूरा ख्याल रखा।'' सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि भविष्य में चुनाव लड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। जब से योगी ने गद्दी सम्भाली है तब से गांव, गरीब की स्थिति में बड़ा फर्क आया है। खुशहाली बढ़ी है।कभी भाजपा के छत्रप माने जाने वाले सिंह ने करीब पांच साल पहले राजस्थान का राज्यपाल बनने के बाद भाजपा से त्यागपत्र दे दिया था। उनका पार्टी में आना जाना लगा रहता है 2004 के आम चुनावों में उन्होंने बुलन्दशहर से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ा। 2009 में उन्होंने पुनः भाजपा को छोड़ दिया और एटा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय सांसद चुने गये।





























