जानिए बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में 35A हटाने का वादा क्यों किया

medhaj news 8 Apr 19 , 06:01:39 Governance
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भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2019 के आम चुनावों से पहली जारी अपने घोषणापत्र में 35ए हटाने का वादा किया है | पिछले तीन चार सालों में कई बार कश्मीर के संदर्भ में 35ए का जिक्र होता रहता है | ये विवादास्पद मुद्दा सुर्खियां बनता रहा है | फिलहाल ये मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचारार्थ है | आर्टिकल 35A जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को विशेष अधिकार देता है | जम्मू-कश्मीर में इस आर्टिकल में किसी भी तरह के बदलाव का विरोध हो रहा है | हालिया चुनाव में भी जम्मू-कश्मीर के प्रमुख राजनीतिक दलों ने 35ए को एक बड़ा मुद्दा बनाया हुआ है | वो इसे हटाने के किसी भी कदम के खिलाफ हैं |





क्या है आर्टिकल 35A?

35A भारतीय संविधान का वह अनुच्छेद है जो जम्मू-कश्मीर विधानसभा को लेकर प्रावधान करता है | यह राज्य को यह तय करने की शक्ति देता है कि जम्मू  का स्थाई नागरिक कौन है? वैसे 1956 में बने जम्मू कश्मीर के संविधान में स्थायी नागरिकता को परिभाषित किया गया था |

सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता कौन हैं और उनकी मांगें क्या हैं?

वर्ष 2014 में एक एनजीओ ने अर्जी दाखिल कर इसको समाप्त करने की मांग की | इस NGO, जिसका नाम वी द सिटिजन्स (We The Citizens) है ने आर्टिकल 35A की वैधता को चुनौती दी है | इसका आरोप है कि दूसरी चीजों के साथ ही यह आर्टिकल भारत की एकता की भावना के खिलाफ है | और यह भारतीय नागरिकों की एक श्रेणी के अंदर ही एक श्रेणी बना देता है | साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले भारतीय नागरिकों को जम्मू-कश्मीर में प्रॉपर्टी खरीदने और रोजगार पाने से रोकता है | यह मौलिक अधिकारों का हनन करता है |


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