Headline

भारत में कुल 16,315 घंटे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं, क्या इससे मिली है मदद?

Medhaj News 25 Mar 19 , 06:01:39 Governance
india.jpg

स्टैनफोर्ड यूनीवर्सिटी में हुए एक स्टडी के अनुसार पिछले साल 2018 में भारत में कुल 134 और 2016-17 में 100 से ज्यादा इंटरनेट शटडाउन हुए | इन सभी में सबसे ज्यादा कश्मीर क्षेत्र में हुए | इस इंटरनेट शटडाउन का उद्देश्य अफवाहों व गलत सूचनाओं को फैलने से रोकना और कानून व्यवस्था को बनाए रखना था | लेकिन ये उद्देश्य शायद ही पूरा हो पाया | स्टडी में बताया गया कि विश्व में हुए कुल शटडाउन में से लगभग आधे अकेले भारत में हुए हैं | इनमें भी अधिकतर कश्मीर में हुए | स्टडी में ये भी पाया गया कि न तो ये शटडाउन राष्ट्रीय स्तर पर हुए और न ही किसी राज्य विशेष तक सीमित रहे | खास बात है कि शटडाउन और हिंसा में भी संबंध देखने को मिला | शटडाउन के समय हिंसक वारदातों में बढ़ोत्तरी देखी गई | देश में हुए कुल ब्लैकआउट का 75 फीसदी राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, और जम्मू कश्मीर में हुआ | इसमें भी 47 फीसदी ब्लैकआउट अकेले जम्मू कश्मीर में हुए | साल 2016 में कश्मीर में सबसे लंबा शटडाउन रहा जो कि 203 दिनों तक चला | इन विरोध प्रदर्शनों और शटडाउन की वजह से जनजीवन और आजीविका पर खासा फर्क पड़ा | स्टडी के अनुसार भारत में 2012 से 2017 के बीच कुल 16,315 घंटे (680 दिनों) तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं, जिसकी वजह से तीन बिलियन डॉलर यानी दो हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हो चुका है |


    Comments

    Leave a comment


    Similar Post You May Like