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भारतीय वायुसेना को मिला नया प्रमुख: एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया

Medhaj News 30 Sep 19 , 06:01:39 Governance
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करीब चार दशक की सेवा के दौरान भदौरिया ने जगुआर स्क्वाड्रन और एक प्रमुख वायु सेना स्टेशन का नेतृत्व किया। उन्होंने जीपीएस का इस्तेमाल कर जगुआर विमान से बमबारी करने का तरीका ईजाद किया। यह वर्ष 1999 में 'ऑपरेशन सफेद' सागर में जगुआर विमान की बमबारी में भूमिका से खासतौर से जुड़ा है। वह वायु सेना के उन चुनिंदा पायलटों में से एक हैं जिन्होंने राफेल विमान उड़ाया है। जुलाई में भारत और फ्रांस की वायु सेनाओं के बीच गरुड़ अभ्यास के दौरान भदौरिया ने राफेल विमान उड़ाया था।





वायु सेना उप प्रमुख एयर मार्शल राकेश कुमार भदौरिया अब भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख हो गये हैं। एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने भारतीय एयरफोर्स चीफ की जिम्मेदारी संभाल ली है। एयर मार्शल बीएस धनोआ आज कार्यमुक्त हो गए। इसके साथ ही एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने भारतीय वायु सेना के प्रमुख के रूप में पदभार संभाला। केंद्र सरकार ने वायुसेना के नए प्रमुख के नाम का ऐलान किया था। बता दें कि धनोआ आज यानी 30 तारीख को रिटायर हो रहे हैं। भदौरिया ने इसी साल 1 मई को वायुसेना के उपप्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था। वह वायुसेना के 26वें प्रमुख बने हैं।

भारतीय वायुसेना प्रमुख का पदभार संभालते ही एयर मार्शल राकेश कुमार भदौरिया ने सोमवार को पाकिस्‍तान के लिए चेतावनी भरे लहजे का इस्‍तेमाल किया। उन्‍होंने कहा, हम किसी भी खतरे व चुनौती से लड़ने को तैयार हैं।





भविष्य में बालाकोट स्ट्राइक जैसे हमले की संभावना पूछे जाने पर एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा, हम तब भी तैयार थे, हम आगे भी तैयार रहेंगे। किसी तरह की चुनौती और खतरे से निपटने के लिए हम तैयार हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान फिर से बालाकोट आतंकी शिविरों को तैयार कर रहा है। हम इससे अवगत हैं और आवश्यकता पड़ने पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।





एयर मार्शल भदौरिया नेशनल डिफेंस एकेडमी(Defence Academy) के पूर्व छात्र हैं और 15 जून 1980 को उन्हें वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम का कमीशन अधिकारी बनाया गया था। ओवर आल मेरिट क्रम में पहला स्थान प्राप्त करने पर उन्हें स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जा चुका है। भदौरिया के अनुभव की बात करें तो उनके पास 26 प्रकार के लड़ाकू परिवहन विमानों को उड़ाने का कुल 4250 घंटों से अधिक का अनुभव है। वे प्रयोग जांच पायलट और लेविल ए वाले फ्लाइंग इंस्ट्रक्टक और पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर भी हैं।


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