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क्यों जन्माष्टमी का त्यौहार दो दिन मनाया जाता है

Medhaj News 22 Aug 19 , 06:01:39 Governance
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जन्‍माष्‍टमी हिन्‍दुओं का प्रमुख त्यौहारों में से एक है | ये त्यौहार श्री हरि विष्‍णु के आठवें अवतार श्रीकृष्‍ण का जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है | जन्माष्टमी का त्यौहार दो दिन मनाया जाता है | इस बार भी 23-24 अगस्‍त को जन्‍माष्‍टमी मनाई जाएगी | साधु-संन्यासी, शैव संप्रदाय शुक्रवार यानी 23 अगस्त को, जबकि वैष्णव संप्रदाय के मंदिरों में शनिवार यानी 24 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी | ऐसा माना जाता है कि पहले दिन साधु-संन्यासी, शैव संप्रदाय हर साल जन्‍माष्‍टमी मनाते हैं, जबकि दसरे दिन वैष्णव संप्रदाय और बृजवासी इस त्यौहार को मनाते हैं |





मान्‍यता है कि भगवान श्रीकृष्‍ण का जन्‍म भाद्रपद यानी कि भादो माह की कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था | कुछ लोगों के लिए अष्‍टमी तिथि का महत्‍व सबसे ज्‍यादा है, वहीं कुछ लोग रोहिणी नक्षत्र होने पर ही जन्‍माष्‍टमी का पर्व मनाते हैं | इस कारण से इस बार भी जन्‍माष्‍टमी दो दिन मनाई जाएगी | क्योंकि 23 अगस्त को अष्‍टमी तिथि है, लेकिन रोहिणी नक्षत्र 24 अगस्त को हैं | भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में कृं कृष्णाय नम: मंत्र का जाप करें | मंत्र जाप कम से कम 108 बार करें | ऐसे करने से श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं | 





जन्‍माष्‍टमी का शुभ मुहूर्त

जन्‍माष्‍टमी की तिथि: 23 अगस्‍त और 24 अगस्‍त |

अष्‍टमी तिथि प्रारंभ: 23 अगस्‍त 2019 को सुबह 08 बजकर 09 मिनट से

अष्‍टमी तिथि समाप्‍त: 24 अगस्‍त 2019 को सुबह 08 बजकर 32 मिनट तक

रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ: 24 अगस्‍त 2019 की सुबह 03 बजकर 48 मिनट से

रोहिणी नक्षत्र समाप्‍त: 25 अगस्‍त 2019 को सुबह 04 बजकर 17 मिनट तक


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