आसान नही है माल्या का प्रत्यपर्ण ?

medhaj news 10 Dec 18,23:50:22 Entertainment
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1993 में जब भारत और बिट्रेन में प्रत्यपर्ण संधि में दस्तखत हुये तब से से अब तक रवि शनकरन नेवी वॉर रूम का आरोपी,नदीम सैफी गुलशन कुमार हत्या का आरोपी,ललित मोदी आईपीएल घुटाले का, टाइगर हनीफ गुजरात ब्लास्ट  आरोपी अब तक भारत नही आये न ही इतनी मेहनत से किसी ने पैरवी की मगर माल्या का ही बुरा वक्त है कि उसकी फ़ाइल पैरवी काफी गभीर हालात में हुई, बरना वो भी बाकी की तरह लंदन में रह रहा होता, प्रशंसा करनी होगी अधिकारियों की साथ साथ सरकार की उन्होंने।मेहनत की





वेस्टमिंस्टर अदालत ने सोमवार को फैसला दिया कि भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या (62) को ब्रिटेन से भारत प्रत्यर्पित किया जाए। जज एम्मा आर्बुटनॉट ने कहा कि पहली नजर में माल्या के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने और मनी लॉन्डरिंग का केस बनता है। अदालत ने यह मामला अब ब्रिटिश सरकार को भेज दिया है। फैसले से पहले कोर्ट पहुंचे माल्या ने कहा था कि मैंने रुपए लौटाने का प्रस्ताव दिया है, यह झूठा नहीं था। मेरे इस ऑफर का प्रत्यर्पण से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने पैसे चुराए नहीं। मैंने किंगफिशर एयरलाइंस को बचाने के लिए अपने 4 हजार करोड़ रुपए इसमें लगाए थे।



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माल्या का कहना है कि उसके खिलाफ मामला राजनीति से प्रेरित है। उसने एक रुपया भी उधार नहीं लिया। किंगफिशर एयरलाइंस ने लोन लिया था। कारोबार में घाटा होने की वजह से लोन की रकम खर्च हो गई। वह सिर्फ गारंटर था और यह फ्रॉड नहीं है।   


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