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इसरो की मदद से दुनिया को ये बड़ा काम करके दिखाएगा भारत

Medhaj News 16 May 19 , 06:01:39 Business & Economy
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि इसमें 13 भारतीय पेलोड (ओर्बिटर पर आठ, लैंडर पर तीन और रोवर पर दो तथा नासा का एक पैसिव एक्सपेरीमेंट उपकरण ) होगा | हालांकि, इसके भेजे जाने का क्या उद्देश्य है इसरो ने ये साफ नहीं किया है | इसरो के अध्यक्ष के. सीवन ने जनवरी में कहा था, हम चंद्रमा पर उस जगह पर उतरने जा रहे हैं जहां कोई नहीं पहुंचा है- इसका मतलब कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर | इस क्षेत्र को अब तक खंगाला नहीं गया है | चंद्रयान- 2 पिछले चंद्रयान- 1 मिशन का उन्नत संस्करण है | चंद्रयान- 1 अभियान करीब 10 साल पहले किया गया था | इस अंतरिक्ष यान का वजन 3.8 टन है | इसमें तीन मॉड्यूल ऑर्बिटर , लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) हैं |





अंतरिक्ष एजेंसी ने इस महीने के प्रारंभ में कहा था कि 9 से 16 जुलाई, 2019 के दौरान चंद्रयान - 2 को भेजे जाने के लिए सारे मॉड्यूल तैयार किये जा रहे हैं | इसरो के मुताबिक इस अभियान में जीएसएलवी मार्क 3 प्रक्षेपण यान का इस्तेमाल किया जाएगा | इसरो ने कहा कि रोवर चंद्रमा की सतह पर वैज्ञानिक प्रयोग करेगा | लैंडर और ऑर्बिटर पर भी वैज्ञानिक प्रयोग के लिए उपकरण लगाये गये हैं | चंद्रयान-2 के छह सितंबर को चंद्रमा पर उतरने की संभावना जताई जा रही है |


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