Headline


SC : 31 मार्च... के बाद नहीं खरीद पाएंगे BS-4 कैटेगरी की गाड़ियां

Medhaj news 26 Oct 18 , 06:01:38 Business & Economy
BS3_vehicle.jpg

अगर आप नई कार या बाइक लेने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए काफी अहम है। सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला किया है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि 1 अप्रैल 2020 के बाद देश में बीएस-4 सेगमेंट का कोई भी वाहन ना तो बेचा जाएगा ना ही किसी बीएस-4 वाहन का रजिस्ट्रेशन होगा। बीएस-4 प्रदूषक उत्सर्जन का मानक है। केंद्र सरकार ने 2016 में यह घोषणा की थी कि बीएस-5 मानकों से आगे बढ़कर 2020 तक बीएस-6 मानक लागू किए जाएंगे।





अक्सर आप सुनते होंगे बीएस-2 वाहन, बीएस-3 वाहन और बीएस-4 वाहन। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन संख्याओं का मतलब क्या है? बीएस के आगे संख्या के बढ़ते जाने का मतलब है उत्सर्जन के बेहतर मानक, जो पर्यावरण के अनुकूल हैं। भारत में गाड़ियों के प्रदूषण को मापने के लिए बीएस का इस्तेमाल किया जाता है।बीएस के आगे जितना बड़ा नंबर लिखा होता है उस गाड़ी से उतने ही कम प्रदूषण होने की संभावना होती है। ये बीएस मानक देश का केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तय करता है। साथ ही देश में चलने वाली हर गाड़ी के लिए यह आवश्यक होता है कि वह इन सभी मानकों पर खरी उतरे।अब देश में बीएस-6 पर भी चर्चा हो रही है। भारत में शुरुआत हुई थी बीएस-2 से। इसके बाद बीएस-4 का इस्तेमाल किया जाने लगा। जब बीएस-4 इंजन का प्रयोग शुरू हुआ, तब कहा गया था कि बीएस-3 मानक के मुकाबले बीएस-4 मानक वाले इंजन उत्सर्जन में भारी कमी लाएंगे। यानी ये माना गया था कि बीएस-3 मानक वाले इंजन के मुकाबले बीएस-4 वाले इंजनों का इस्तेमाल सुरक्षित है।





पीठ ने कहा कि धुआं और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण में रहना, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवण की गुणवत्ता के दायरे में आता है। पीठ ने स्पष्ट किया कि एक अप्रैल, 2020 से पूरे देश में बीएस-6 के अनुकूल वाहनों की ही बिक्री की जा सकेगी। पीठ ने कहा कि और अधिक स्वच्छ ईंधन की ओर बढ़ना वक्त की जरूरत है। बीएस-4 नियम अप्रैल 2017 से देशभर में लागू हैं।



ये भी पढ़े - Reliance Jio का दिवाली धमाका: फ्री डेटा 1 साल तक, 100 % कैशबैक


    Comments

    Leave a comment



    Similar Post You May Like

    Trends