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अब किसान ओला उबर की तरह इन मशीनों को भी किराए पर ले सकते हैं

Medhaj News 29 Dec 19 , 06:01:39 Business & Economy
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मशीनों के जरिए खेती को न सिर्फ आसान बनाया जाए बल्कि लागत कम करते हुए प्रोडक्शन भी बढ़ाया जाए | केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी का कहना है कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक प्रौद्योगिकी के प्रयोग से किसान सशक्त बनेंगे | उन्होंने बताया कि इसके लिए कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (sub mission on agricultural mechanization) है | जिसके तहत किसानों को भारी सब्सिडी पर 10,75,194 मशीनें दी गई हैं | यह आंकड़ा 2014 - 19 तक का है | खेती को आसान बनाने वाली इन मशीनों को चलाने के लिए 49,033 लोगों को ट्रेनिंग दी गई | केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने बताया कि कृषि कार्यों में मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए देश में 8466 कस्टम हायरिंग केंद्र एवं 6841 फार्म मशीन बैंक बनाए गए हैं |





जहां से किसान सरकार द्वारा तय किए गए रेट पर ओला उबर की तरह उन्हें किराए पर ले सकते हैं | आप CHC Farm Machinery ऐप पर ऑर्डर देकर अपनी खेती के लिए जरूरी मशीनरी (औजार) बहुत सस्ते रेट पर घर मंगवा सकते हैं | खेती-किसानी में बढ़ रही है इन मशीनों की जरूरत- ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, पैडी राइस ट्रांसप्लांटर, लेजर लैंड लेवलर, रोटावेटर, फर्टिलाइजर ड्रिल, मल्टीक्रॉप थ्रेशर, एक्सियल फ्लो पैडी थ्रेशर आदि |





कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर आप निजी कृषि यंत्र बैंक (कस्टम हायरिंग सेंटर) बनाएंगे तो सरकार 40 फीसदी पैसा खुद लगा रही है | इसके तहत आप 60 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट पास करवा सकते हैं | यानी अपने क्षेत्र के किसानों की जरुरतों को समझते हुए इतनी रकम की मशीनें खरीद सकते हैं | आपके इस प्रोजेक्ट में 24 लाख रुपये सरकार लगाएगी | कॉपरेटिव ग्रुप बनाकर भी आप मशीन बैंक तैयार कर सकते हैं | लेकिन ग्रुप में 6 से 8 किसान होने चाहिए |  ग्रुप में अधिकतम 10 लाख रुपये का प्रोजेक्ट पास होगा | यानी आपको 8 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है | अब तक देश भर में करीब 20 हजार कृषि यंत्र बैंक बन चुके हैं |


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