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इशाराः वित्तमंत्री ने कहा –“जल्द ही लोग अपने-आप टैक्स भरेंगे”!
केंद्र की मोदी सरकार कैशलेस बनाने पर जोर दे रही है। इसके अलावा केंद्र सरकार टैक्स की दरों को भी कम करने पर विचार कर रही है। सोमवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए वित्तमंत्री अरूण जेटली ने कहा, देश में अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए निचले दर के टैक्सेशन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि, जब टैक्स की दरें कम होगी तो हम सेवाओं को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकेंगे। प्रतिस्पर्धा घरेलू नहीं बल्कि वैश्विक है।
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वित्तमंत्री जेटली ने कहा, आने वाले वक्त में देश में ऐसा माहौल होगा कि लोग स्वेच्छा से टैक्स भरेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, आने वाले वक्त में भारत एक ऐसा देश बनेगा, जहां टैक्स को लेकर लोगों का आचरण खुद-ब-खुद नियमों के मुताबिक हो जाएगा। जेटली ने कहा, पिछले 7 दशकों से लोगों में यह धारणा बनी हुई थी कि सरकारी राजस्व को चूना लगाना कोई अनैतिक बात नहीं है। बल्कि, लोग इस व्यावसायिक सूझबूझ का हिस्सा मानते थे। इस चक्कर में कई लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े हैं।
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वित्तमंत्री जेटली ने कहा, उचित टैक्स देना नागरिकों का कर्तव्य होता है। टैक्स नहीं चुकाने के गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई मौकों पर जिक्र कर चुके हैं कि, लोग अपने-अपने हिस्से का टैक्स अदा करें। इस वक्त देश में 4 लाख से कम लोग ही 5 लाख से ज्यादा का टैक्स अदा करते हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, मौजूदा सरकार इनकम टैक्स स्लैब को बढ़ाकर 4 लाख रूपए तक कर सकती है। इस वक्त टैक्स छूट की लिमिट 2.5 लाख रूपए है।
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