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देश के विभिन्न हिस्सों में लोग करीब तीन घंटे तक इस आंशिक चंद्रग्रहण के गवाह बने

Medhaj News 17 Jul 19 , 06:01:39 India
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मंगलवार की आधी रात से बुधवार की अहले सुबह तक चंद्रग्रहण लगा रहा। 149 वर्षों के बाद ऐसा दुर्लभ संयोग और विशेष योग बन पाया। विशेष योग भी बना है। 12 जुलाई 1870 को भी गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगा था तब उस समय चंद्रमा शनि और केतु के साथ धनु राशि में स्थित था, जबकि सूर्य राहु के साथ मिथुन राशि में था। मंगलवार देर रात करीब 1:31 बजे चंद्रग्रहण लगा, जोकि सुबह 4:29 बजे तक रहा। इस दौरान पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच रही है और देश के विभिन्न हिस्सों में लोग करीब तीन घंटे तक इस आंशिक चंद्रग्रहण के गवाह बने।





आकाशीय गतिविधियों में दिलचस्पी रखने वालों के लिए  यह अवसर खास रहा, क्योंकि 2021 तक फिर ऐसा स्पष्ट रूप से दिखने वाला कोई चंद्रग्रहण नहीं लगेगा। दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया के सिवाय यह देश के हर हिस्से से नजर आने वाली खगोलीय घटना रही। चंद्रमा पर बुधवार सुबह 4:29 बजे तक आंशिक ग्रहण लगा रहा।





मंगलवार की रात चंद्रमा का केवल एक हिस्सा धरती की छाया से गुजरा, जबकि बुधवार सुबह 3:01 बजे चंद्रमा का 65 प्रतिशत व्यास धरती की छाया के तहत रहा। देश में अगला चंद्रग्रहण 26 मई, 2021 को लगेगा जब यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा।




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