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लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरकर रक्षामंत्री ने रचा इतिहास

Medhaj News 19 Sep 19 , 06:01:39 India
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स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस (Tejas) में उड़ान भरकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने इतिहास रच दिया | पहली बार देश के किसी रक्षामंत्री ने तेजस में उड़ान भरी है | वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा देने वाले तेजस को 3 साल पहले ही भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) में शामिल किया गया है |  तेजस को बनाने में देश के वैज्ञानिकों को 36 साल लग गए | लेकिन इसके बाद तेजस भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की कतार में सबसे आगे है | स्वदेशी और हल्के लड़ाकू विमान तेजस कई खूबियों से लैस है | ये जंग के मैदान में कहर बरपाने की क्षमता रखता है | सटीक जगह पर बम गिराने और दुश्मन के मिसाइल से निपटने में ये माहिर है | तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) की श्रेणी में पाकिस्तान और चीन के विमानों को कड़ी टक्कर दे रहा है | ये पाकिस्तान के जेएफ-17 थंडर के करीब का लड़ाकू एयरक्राफ्ट है | हालांकि ये एफ-17 से कहीं शक्तिशाली और ज्यादा मारक क्षमताओं से लैस है | तेजस एक बार में करीब 23 हजार किलोमीटर की दूरी तय करता है | पाकिस्तान के जेएफ-17 की क्षमता भी करीब इतनी ही है | लेकिन तेजस की खासियत है कि इसमें हवा में ईंधन भरा जा सकता है | जबकि पाकिस्तान के जेएफ-17 में ये सुविधा नहीं है | वायुसेना के अधिकारियों ने बताया है कि तेजस पाकिस्तान के जेएफ-17 से कहीं आगे है | पाकिस्तान ने जेएफ-17 को चीन की मदद से बनाया है जबकि तेजस स्वदेशी तकनीक पर बना है | इसके कुछ कलपुर्जे सिर्फ विदेशों से मंगाए गए हैं | इसका इंजन अमेरिका और राडार इजरायल से मंगाए गए हैं |





तेजस को डीआरडीओ के एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने डिजाइन किया है | तेजस को लेकर सबसे पहले 1983 में प्लान बना था | हालांकि 10 साल बाद 1993 में इसके प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली | इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड (एचएएल) ने बनाया है | तेजस अचूक निशाना लगाने में माहिर है | हल्के होने की वजह से इसकी खूबियां बढ़ जाती हैं | तेजस कार्बन फाइबर से बना है | इसकी वजह से इसका वजन काफी कम है | तेजस अगर किसी और धातु से बना होता तो इसका वजन ज्यादा होता | हल्का होने के बावजूद ये दूसरे लड़ाकू विमानों से ज्यादा शक्तिशाली है | तेजस का कुल वजन 6,560 किलोग्राम है | ये 50 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है | तेजस के पंख 8.2 मीटर चौड़े हैं | ये कुल 13.2 मीटर लंबा और 4.4 मीटर ऊंचा है | ये 1350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है | तेजस की खासियत है कि ये कम जगह से भी उड़ान भर सकता है | तेजस ने अरेस्टेड लैंडिंग टेस्ट पास की है | इस टेस्ट को पास करने वाले लड़ाकू विमान युद्धपोत पर भी उतर सकते हैं | अरेस्ट लैंडिंग में एक तार या कई बार पैराशूट का इस्तेमाल कर लड़ाकू विमानों को रोका जाता है | इसमें युद्धपोत या हवाई पट्टी से जुड़ा एक तार एयरक्राफ्ट से जुड़ जाता है |  इस तार की वजह से एयरक्राफ्ट की स्पीड कम हो जाती है और विमान कम दूरी और कम समय में लैंड कर जाता है | कई बार तार की जगह पैराशूट का इस्तेमाल होता है | पैराशूट से विमान की स्पीड कम की जाती है |


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