सोनभद्र: या तो हम पीड़ितों से मिलें या हमें जेल भेजें- कांग्रेस नेता
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में 10 लोगों की हत्या के बाद उपजे विवाद के बीच शुक्रवार को कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वहां पहुंचीं | हालांकि प्रियंका गांधी वाड्रा को वहां हिरासत में ले लिया गया | प्रियंका ने जमानत के लिए पर्सनल बॉन्ड देने से इनकार कर दिया और मिर्जापुर जिले के एक गेस्टहाउस में ठहरीं, जहां उन्हें अपने समर्थकों के साथ सड़क पर बैठने के बाद ले जाया गया | वह लगातार मांग करती रहीं कि उन्हें पीड़ित परिवारों से मिलने और आगे बढ़ने की अनुमति दी जाए | पुलिस उपमहानिरीक्षक पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक चुनार के गेस्टहाउस में गांधी के संपर्क में थे ताकि उन्हें आगे की यात्रा न करने के लिए राजी किया जा सके | शुक्रवार देर रात तक प्रशासन और प्रियंका के बीच गतिरोध खत्म होने का कोई संकेत नहीं दिखा |
अतिथिगृह में प्रियंका के साथ मौजूद उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा - हमने स्पष्ट रूप से कहा है, या तो हम पीड़ितों से मिलें या हमें जेल भेजें | शुक्रवार रात को कई ट्वीट्स में गांधी ने अपनी मांगों को दोहराया और कहा कि वह प्रभावित ग्रामीणों से मिलने के अपने फैसले को नहीं बदलेंगीं | प्रियंका ने लिखा- 'मैं नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा-कथा जानने आयी हूँ | जनता का सेवक होने के नाते यह मेरा धर्म है और नैतिक अधिकार भी | उनसे मिलने का मेरा निर्णय अडिग है | उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा मुझे पिछले 9 घंटे से गिरफ़्तार करके चुनार किले में रखा हुआ है | प्रशासन कह रहा है कि मुझे 50,000 की जमानत देनी है अन्यथा मुझे 14 दिन के लिए जेल की सज़ा दी जाएगी, मगर वे मुझे सोनभद्र नहीं जाने देंगे ऐसा उन्हें ‘ऊपर से ऑर्डर है | प्रियंका ने लिखा कि 'मैंने न कोई क़ानून तोड़ा है न कोई अपराध किया है| बल्कि सुबह से मैंने स्पष्ट किया था कि प्रशासन चाहे तो मैं अकेली उनके साथ पीड़ित परिवारों से मिलने आदिवासियों के गाँव जाने को तैयार हूँ या प्रशासन जिस तरीके से भी मुझे उनसे मिलाना चाहता है मैं तैयार हूँ |


