Huawei कंपनी ने भारतीय ऐप डेवलपरों को एक अरब डॉलर के कोष की पेशकश की
चीन की स्मार्टफोन कंपनी Huawei ने अमेरिका के प्रतिबंधों से पार पाने के प्रयासों के तहत गूगल मोबाइल सर्विस की तरह अपनी सुविधा तैयार करने को लेकर भारतीय ऐप डेवलपरों को एक अरब डॉलर के कोष की पेशकश की। अमेरिका की मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम कंपनियां डेवलपरों से उनके एप को अपने प्लेटफॉर्म पर जगह देने के लिये शुल्क वसूलते हैं। हालांकि Huawei और उसके सब-ब्रांड Honor ने डेवलपरों को 17 हजार डॉलर तक का भुगतान करने की पेशकश की है। Huawei और Honor India के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (उपभोक्ता कारोबार समूह) चार्ल्स पेंग ने पीटीआई भाषा से यहां कहा - हमने घोषित किया है कि हम अपनी ऐप गैलरी में ऐप उपलब्ध कराने के लिये डेवलपरों को भुगतन करेंगे।
यदि वे गूगल मोबाइल सर्विस के बिना ऐप उपलब्ध कराते हैं तो उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जायेगा। यदि वे अपने ऐप को Huawei मोबाइल सर्विस के साथ जोड़ते हैं तो प्रोत्साहन राशि और बढ़ायी जा सकती है। कंपनी ऐप को Huawei मोबाइल सर्विस के साथ जोड़ने पर 20 हजार डॉलर के प्रोत्साहन की पेशकश कर रही है। कंपनी भारत के 150 ऐप से इसे लेकर बातचीत कर रही है। मेक माय ट्रिप और गाना जैसे भारतीय ऐप पहले ही Huawei के मंच पर उपलब्ध हो चुके हैं।

















