कोर्ट में छलका पी चिदंबरम का दर्द, बीमारी के कारण वजन घटा
आईएनएक्स मीडिया केस (INX Media Case) में तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में बंद पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम (P. Chidambaram) की सेहत ठीक नहीं है | चिदंबरम को कई तरह की बीमारियां होने के कारण उनका वजन तेजी से घट रहा है | चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने कोर्ट से चिदंबरम को समय-समय पर मेडिकल सर्विस (Medical Service) और सप्लीमेंट्री डाइट देने की मांग की है | तिहाड़ से मिली जानकारी के मुताबिक, जेल में बंद चिदंबरम की पीठ और पेट में काफी दर्द रहने लगा है, जिसके कारण वह न तो बैठ पा रहे हैं और न ही लेट पाते हैं | गौरतलब है कि कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान चिदंबरम की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) की अवधि तीन अक्टूबर तक बढ़ा दी थी | अब उनकी जमानत याचिका पर 23 सितंबर को दिल्ली की हाईकोर्ट में सुनवाई होगी | दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में चिदंबरम की तरफ से कहा गया था कि उनकी पीठ में दर्द है | जिसके बाद विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने चिदंबरम की मेडिकल जांच की भी अनुमति दे दी | सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की और कहा कि चिदंबरम को जिस दिन पहली बार जेल भेजा गया था, तब से परिस्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है |
चिदंबरम की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने के सीबीआई के अनुरोध का विरोध किया | सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि कि चिदंबरम कई तरह की बीमारियां हैं, जिसके कारण उनका वजन तेजी से घट रहा है | इसलिए उन्हें नियमित मेडिकल सर्विस और सप्लीमेंट्री डाइट की जरूरत है | कपिल सिब्बल ने चिदंबरम की ओर से कोर्ट से अनुरोध किया कि उनके मुवक्किल को न्यायिक हिरासत के दौरान तिहाड़ जेल में रहते हुए समय-समय पर मेडिकल जांच तथा पर्याप्त मात्रा में पूरक आहार मुहैया कराए जाए | उनके पेट और पीठ में दर्द है | तिहाड़ उनके बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी गई है | सिर्फ एक बैड है, पिलो (तकिया) भी नहीं दिया गया है | सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि चिदंबरम के बैरक में तीन दिन पहले एक कुर्सी थी, जिसे अब हटा दिया गया है | वह दिनभर बेड पर नहीं बैठ सकते, उनकी पीठ में दर्द हो गया है | पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने पद पर रहते हुए आईएनएक्स मीडिया को साल 2007 में 305 करोड़ रु. लेने के लिए विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड से मंजूरी दिलाई थी | मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में ईडी पूर्व वित्त मंत्री से पूछताछ कर रही है |

