लालू प्रसाद यादव करेंगे शाकाहारी भोजन, आइये जानते है इसके कुछ खास फायदों के बारे में
बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ है। उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं दर्ज किया गया है। यही वजह है कि रिम्स (RIIMS) के डॉक्टरों ने उन्हें मांसाहार या एनिमल प्रोटीन (Animal Protein) खाने से मना किया है। शनिवार को लालू प्रसाद के स्वास्थ्य (Health) जांच के बाद मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए उनके चिकित्सक डॉक्टर डीके झा ने कहा कि वर्तमान में लालू प्रसाद की किडनी (Kidney) 50 फीसदी ही काम कर रही है।
शाकाहारी(Vegetarian) होना भी कतई हानिकारक नहीं है। मांसाहारियों को जो तत्व मांस से मिलते हैं, वे ही तत्व शाकाहारियों को कई प्रकार के शाक से मिलते हैं। प्रोटीन जो कि मछली, मांस और अंडे से प्राप्त होता है, वह वनस्पति से भी प्राप्त होता है। मानव शरीर के कार्य करने के लिए ऐसा कोई पौष्टिक तत्व नहीं है, जो वनस्पतियों से प्राप्त नहीं किया जा सकता। शाकाहारी भोजन हमें रोगों से भी बचाता है।
-शाकाहारियों में हृदय को रक्त भेजने वाली धमनियों से संबंधित बीमारी की संभावना 30% कम होती है। शाकाहारियों में कुल तरल कोलेस्ट्रॉल तथा कम-घनत्व वाले लायपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल की मात्रा सामान्यतः कम पाई जाती है, लेकिन उच्च-घनत्व वाले लायपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल की मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस प्रकार का शाकाहारी भोजन ग्रहण करते हैं। शाकाहारियों में हाई ब्लड प्रेशर की संभावना मांसाहारियों से कम होती है और यह वजन व नमक पर निर्भर नहीं करता। शाकाहारी होने के कुछ खास फायदे आपके लिए
-शाकाहारी(Vegeterian) भोजन गुर्दे(Kidney) से संबंधित रोगों की रोकथाम में सहायक हो सकता है। अध्ययनों में यह पता चलता है कि वनस्पतियों में पाए जाने वाले कुछ प्रोटीन जीवित रहने की संभावना बढ़ाते हैं और पेशाब के द्वारा प्रोटीन का निकल जाना, कोशिकाओं द्वारा रक्त छनने की गति, गुर्दे(Kidney) में रक्त संचार और गुर्दे से संबंधित विकार मांसाहारियों की तुलना में शाकाहारियों में कम पाए जाते हैं।
-फेफड़ों और बड़ी आंत का कैन्सर शाकाहारियों में कम होता है। इसका कारण यह होता है कि शाकाहारी रेशायुक्त फल और सब्जियों का अधिक सेवन करते हैं।
-विश्वभर से लिए गए आंकड़े यह दर्शाते हैं कि वनस्पति आधारित भोजन करने वालों में स्तन का कैन्सर होने की संभावना कम होती है। कारण शाकाहारियों में एस्ट्रोजन की कम मात्रा सहायक पाई गई है।
-वनस्पतियों से प्राप्त प्रोटीन शरीर की अमीनो एसिड की आवश्यक मात्रा के लिए पर्याप्त है, बशर्ते विभिन्न प्रकार के वनस्पति आधारित पदार्थों का सेवन किया जाए।
शोध में पता चला है कि कई विभिन्न स्रोतों से प्रोटीन लेने की आवश्यकता नहीं है, आप पूरे दिन भर में अमीनों एसिड का इस प्रकार सेवन करें जो नायट्रोजन की पर्याप्त मात्रा शरीर में बनाए रखे। वैसे तो शाकाहारी भोजन में प्रोटीन की मात्रा कम होती है, लेकिन शाकाहारी व्यक्ति प्रोटीन की अपनी आवश्यकता संतुलित भोजन करके पूर्ण कर सकते हैं।

