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जानें कब है मौनी अमावस्या और इस दिन क्या करें ?

Medhaj News 16 Jan 20 , 06:01:40 India
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माघ के महीने को हिंदू धर्म ग्रंथों में बहुत पवित्र माना जाता है | ग्रंथों में ऐसा उल्लेख है कि इसी दिन से द्वापर युग का शुभारंभ हुआ था | माघ मास के ठीक मध्य में अमावस्या के दिन का विशेष महत्व माना जाता है | इस दिन पवित्र नदियों में स्नान से विशेष पुण्यलाभ प्राप्त होता है | कहा जाता है कि इस दिन गंगा का जल अमृत बन जाता है | इसलिये माघ स्नान के लिये माघी अमावस्या यानि मौनी अमावस्या को बहुत ही खास माना गया है | इस दिन व्रती को मौन धारण करते हुए दिन भर मुनियों सा आचरण करना पड़ता है, इसी कारण यह अमावस्या मौनी अमावस्या कहलाती है | इस साल मौनी अमावस्या का यह त्यौहार 24 जनवरी को है | मौनी अमावस्या का शुभ मुहूर्त (Mauni Amavasya Kab Hai)- अमावस्या तिथि प्रारम्भ- सुबह 2 बजकर 17 मिनट से (24 जनवरी 2020), अमावस्या तिथि समाप्त- अगले दिन सुबह 3 बजकर 11 मिनट तक (25 जनवरी 2020), शास्त्रों में इस दिन दान-पुण्य करने के महत्व को बहुत ही अधिक फलदायी बताया है | एक मान्यता के अनुसार इस दिन मनु ऋषि का जन्म भी माना जाता है जिसके कारण इस दिन को मौनी अमावस्या के रूप में मनाया जाता है | शास्त्रों में वर्णित है कि माघ मास में पूजन-अर्चन व नदी स्नान करने से भगवान नारायण को प्राप्त किया जा सकता है तथा इन दिनों नदी में स्नान करने से स्वर्ग प्राप्ति का मार्ग मिल जाता है | जो लोग घर पर स्नान करके अनुष्ठान करना चाहते हैं, उन्हें पानी में थोड़ा-सा गंगा जल मिलाकर तीर्थों का आह्वान करते हुए स्नान करना चाहिए |





इस दिन सूर्यनारायण को अर्घ्य देने से गरीबी और दरिद्रता दूर होती है | इस दिन नर्मदा, गंगा, सिंधु, कावेरी सहित अन्य पवित्र नदियों में स्नान, दान, जप, अनुष्ठान करने से कई दोषों का निवारण होता है | इस दिन ब्रह्मदेव और गायत्री का भी पूजन विशेष फलदायी होता है | अमावस्या के दिन 108 बार तुलसी परिक्रमा करें | जिन लोगों का चंद्रमा कमजोर है, वह गाय को दही और चावल खिलाएं तो मानसिक शांति प्राप्त होगी | इसके अलावा मंत्र जाप, सिद्धि साधना एवं दान कर मौन व्रत को धारण करने से पुण्य प्राप्ति और भगवान का आशीर्वाद मिलता है | इस दिन मौन व्रत धारण करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है | मौनी अमावस्या के दिन तेल, तिल, सूखी लकड़ी, कंबल, गरम वस्त्र, काले कपड़े, जूते दान करने का विशेष महत्व है | वहीं जिन जातकों की कुंडली में चंद्रमा नीच का है, उन्हें दूध, चावल, खीर, मिश्री, बताशा दान करने में विशेष फल की प्राप्ति होगी |


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